इलोन मस्क की जीवनी: Making good decision is crucial skill at every level!

इलोन मस्क का जन्म 28 जून 1971 को दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में हुआ था। एक बच्चे के रूप में, मस्क आविष्कारों के बारे में अपने दिवा-स्वप्न में इतने खो गए थे, कि डॉक्टरों ने उनकी कान की सुनने की क्षमता को चेक करने के लिए एक टेस्ट का आदेश दिया। अपने माता-पिता के तलाक के समय, जब वह 10 वर्ष के थे, मस्क ने कंप्यूटर में रुचि विकसित की। उन्होंने खुद को प्रोग्राम करना सिखाया। जब वह 12 साल के थे तो उन्होंने अपना पहला सॉफ्टवेयर बेचा
जो एक गेम थी, जिसे उन्होंने ब्लास्टर का नाम दिया।

इलोन मस्क की जीवनी
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इलोन मस्क के परिवार के बारे में /Family

मस्क की मां, मेय मस्क, कनाड़ा की एक मॉडल और कवरगर्ल अभियान में अभिनय करने वाली सबसे उम्रदराज महिला हैं। जब इलोन मस्क बड़े हो रहे थे, तब उसकी माँ ने अपने परिवार को पालने यानि समर्थन करने के लिए एक समय में पांच नौकरियां कीं। मस्क के पिता एरोल मस्क दक्षिण अफ्रीका के एक धनी इंजीनियर हैं। इलोन मस्क ने अपना शुरुआती बचपन अपने भाई किम्बल और बहन तोस्का के साथ दक्षिण अफ्रीका में बिताया।
जब वह 10 साल के थे तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया था।

इलोन मस्क की पढ़ाई

जब में कॉलेज में पढ़ता था तब मैं उन चीजों में शामिल होना चाहता था जो इस दुनिया में बदलाव लाये और आज मैं वही करने में लगा हूँ।

1989 में, जब इलोन मस्क 17 साल के थे तब दक्षिण अफ्रीकी सेना में अनिवार्य सेवा से बचने के लिए कनाडा चले गए। वहां उन्होंने क्वीन्स यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। मस्क ने उस वर्ष अपनी कनाडा की नागरिकता प्राप्त की, क्योंकि उन्हें लगा कि उस रास्ते से अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करना आसान होगा।1992 में, मस्क ने पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में business और physics का अध्ययन करने के लिए कनाडा छोड़ दिया। उन्होंने economics में स्नातक की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की और physics में दूसरी स्नातक की डिग्री के लिए रुके।

1995 में, मस्क को कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में material science में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की degree के लिए एडमिशन मिला। मस्क ने नेटस्केप में नौकरी पाने का प्रयास किया लेकिन उनको वहां से कोई जवाब नहीं मिला। वह दो दिनों के बाद स्टैनफोर्ड से बाहर हो गया और इंटरनेट बूम में शामिल हुए और एक इंटरनेट स्टार्टअप लॉन्च करने का फैसला किया।
इलोन मस्क ने 1995 में अपनी पहली कंपनी, Zip2 Corporation को लॉन्च किया।
मस्क 2002 में अमेरिकी नागरिक बन गए।

अगर कुछ बेहद जरूरी है, तो भले ही चीजें आपके खिलाफ हों , फिर भी आपको वो जरुर करना चाहिए। 

इलोन मस्क के व्यापार के बारे में/Business career

  • Zip2
  • PayPal और X.com
  • SpaceX
  • Falcon 9 Rockets
  • Tesla
  • Roadster
  • Model S

Zip2:

1995 में, मस्क ने किम्बल और ग्रेग कोरी के साथ मिलकर 1995 में एंजेल निवेशकों के धन से वेब सॉफ्टवेयर कंपनी Zip2 की स्थापना की। मस्क की कंपनी के सफल होने से पहले, वह एक अपार्टमेंट का खर्च नहीं उठा सकते थे और इसके बजाय एक कार्यालय किराए पर लिया और सोफे पर सोए और वाईएमसीए में स्नान किया।
कॉम्पैक ने Zip2 को 307 मिलियन डॉलर में नकद खरीदा।

PayPal और X.com:

इलोन मस्क ने 1999 में एक ऑनलाइन वित्तीय सेवा और ई-मेल भुगतान कंपनी X.com की सह-स्थापना की। जो कंपनी के निवेशक थे उन्होंने मस्क को एक अनुभवहीन व्यक्ति के रूप में देखा इसलिए साल के अंत तक उन्हें इंट्यूट के सीईओ बिल हैरिस से बदल दिया। अगले वर्ष, अनावश्यक competition को रोकने के लिए X.com को ऑनलाइन बैंक कॉन्फिनिटी के साथ मिला लिया। साल 2002 में, पेपाल को eBay द्वारा $1.5 बिलियन के स्टॉक में अधिग्रहित किया गया था, जिसमें से मस्क – 11.7% के साथ सबसे बड़ा शेयर होल्डर थे और उनको $100 मिलियन से भी अधिक प्राप्त हुआ।
2017 में, मस्क ने एक अज्ञात राशि के लिए पेपैल से डोमेन X.com खरीदा और कहा इसका भावुक मूल्य है।

SpaceX:

इलोन मस्क ने अपनी तीसरी कंपनी, स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन या SpaceX
की स्थापना 2002 में अंतरिक्ष यात्रा के लिए अंतरिक्ष यान बनाने के इरादे से की थी।
2008 तक, स्पेसएक्स अच्छी तरह से स्थापित हो गया था और नासा ने कंपनी को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए कार्गो परिवहन को संभालने के लिए अनुबंध से सम्मानित किया।

Falcon 9 Rockets:

22 मई 2012 को, मस्क और SpaceX ने इतिहास बनाया जब कंपनी ने मानव रहित
कैप्सूल के साथ अपने फाल्कन 9 रॉकेट को अंतरिक्ष में लॉन्च किया। यान को वहां तैनात अंतरिक्ष यात्रियों के लिए 1,000 पाउंड की आपूर्ति के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भेजा गया था,
यह पहली बार था जब किसी निजी कंपनी ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर एक अंतरिक्ष यान भेजा था।

Tesla:

इलोन मस्क 2003 में गठित Tesla मोटर्स के सह-संस्थापक, सीईओ और उत्पाद वास्तुकार हैं,
जो सस्ती, बड़े पैमाने पर बाजार में इलेक्ट्रिक कारों के साथ-साथ बैटरी उत्पादों और
solar roofs के उत्पादन का काम देखते है।

मस्क कंपनी के उत्पादों के सभी उत्पाद विकास, इंजीनियरिंग और डिजाइन की देखरेख करते हैं।

इलोन मस्क की जीवनी
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Roadster:

Tesla Motors के पांच साल बाद, मार्च 2008 में, टेस्ला ने रोडस्टर को लांच किया,
एक स्पोर्ट्स कार जो 3.7 सेकंड में 0 से 60 मील प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है,
साथ ही साथ इसकी लिथियम आयन बैटरी के चार्ज के बीच लगभग 250 मील की यात्रा भी
कर सकती है। डेमलर द्वारा ली गई कंपनी में हिस्सेदारी और टोयोटा के साथ एक रणनीतिक साझेदारी के साथ, टेस्ला मोटर्स ने जून 2010 में अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश शुरू
की, जिसमें 226 मिलियन डॉलर जुटाए गए।

Model S:

अगस्त 2008 में, टेस्ला ने अपने Model S की योजना की घोषणा की, यह कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक सेडान कार थी। 2012 में, Model S ने 58,570 डॉलर की शुरुआती कीमत पर उत्पादन में प्रवेश किया। चार्ज के बीच 265 मील की दूरी तय करने में सक्षम, इसे मोटर ट्रेंड Magazine द्वारा 2013 कार ऑफ द ईयर के रूप में सम्मानित किया गया।

ऐसे ही इलोन मस्क ने बहुत सी चीज़ों में अपना योगदान दिया। जैसे 2006 में, उन्होंने Solar City बनाने में मदद की, एक सौर ऊर्जा सेवा कंपनी जिसे बाद में टेस्ला द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया और टेस्ला एनर्जी बन गई। 2015 में, उन्होंने OpenAI की सह-स्थापना की, जो एक nonprofit research company है, जो अनुकूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देती है। 2016 में, उन्होंने मस्तिष्क-कंप्यूटर इंटरफेस विकसित करने पर केंद्रित एक न्यूरोटेक्नोलॉजी कंपनी न्यूरालिंक की सह-स्थापना की और सुरंग निर्माण कंपनी द बोरिंग कंपनी की स्थापना की।

मेरी सभी कंपनियों के लिए मेरा मोटिवेशन ऐसी किसी चीज में शामिल होने का रहा है जो दुनिया पर सार्थक असर डाले.

इलोन मस्क की Personal life

मस्क की पहली पत्नी कनाडा की एक राइटर थी। उनका नाम जस्टिन विल्सन था ,
यह दोनों क्वीन्स यूनिवर्सिटी में पढ़ते समय मिले, और उन्होंने साल 2000 में शादी कर ली।
उनको 6 बच्चे एक साथ हुए जिसमें से उनका पहला बच्चा, बेटा नेवादा अलेक्जेंडर मस्क, 10 सप्ताह की उम्र में अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम (SIDS ) से मर गया।
इन्होंने ने 2008 में तलाक ले लिया और अपने पांच जीवित बच्चों की कस्टडी को साझा किया।

2008 में, मस्क ने अभिनेत्री तलुलाह रिले को डेट करना शुरू किया और 2010 में दोनों ने शादी कर ली।
2012 में, मस्क ने रिले से तलाक की घोषणा की।
2013 में मस्क और रिले ने दोबारा शादी की।
दिसंबर 2014 में, मस्क ने रिले से दूसरे तलाक के लिए अर्जी दी; हालांकि, कार्रवाई वापस ले ली गई थी। फिर 2016 में उनके तलाक की अर्ज़ी फाइनल हो गई।
मई 2018 में, मस्क और कनाडा की musician ग्रिम्स ने खुलासा किया कि वे डेटिंग कर रहे थे।
मई 2020 में ग्रिम्स ने मस्क के बेटे को जन्म दिया।

2000 के दशक की शुरुआत से 2020 के अंत तक, मस्क कैलिफ़ोर्निया में रहते थे,
जहां टेस्ला और स्पेसएक्स दोनों की स्थापना हुई थी और जहां उनका मुख्यालय अभी भी स्थित है।
2020 में, मस्क टेक्सास चले गए, यह कहते हुए कि कैलिफोर्निया अपनी आर्थिक सफलता के साथ “संतुष्ट” हो गया है।

मई 2021 में सैटरडे नाइट लाइव की मेजबानी करते हुए मस्क ने टिप्पणी की कि उन्हें एस्परगर सिंड्रोम है।

7 बड़े साइज के डॉग (Large dog breeds in Hindi): A perfect care guard

दोस्तों आप ने अक्सर सुनो होगा बड़ा हमेशा बेहतर नहीं होता है, लेकिन जब डॉग की बड़ी नस्ल की बात आती है तो यह बहुत अच्छा हो सकता है। बड़े साइज के डॉग उन परिवार के लिए अच्छे होते है जिनको बहार खेलना और व्यायाम करना पसंद है। बड़े डॉग्स को अपने मालिक के साथ रहना और बाहर गेंद फेंकने और रक्षक डॉग  के रूप में कार्य करना  बहुत पसंद होता है।

साथ ही, जब आप दिन भर के काम के बाद घर आते है तो आपका स्वागत करने के लिए एक बड़े प्यारे दोस्त के दरवाजे पर दौड़ने जैसा प्यारा कुछ नहीं होता। इनको देख कर आपकी पुरे दिन की थकान दूर हो जाती है। बड़े डॉग की नस्लों का वजन आमतौर पर 27 से 45 किलो के बीच होता है। इनका जीवनकाल 8-12 साल के करीब हो सकता है।
आइये आज हम घर में पालने के लिए कुछ बड़े डॉग्स की नस्ल के बारे में बात करेंगे।

बड़े डॉग्स की नस्ल के वर्गीकरण में आप किन कुत्तों को देखने की उम्मीद कर सकते हैं, कुछ सबसे लोकप्रिय डॉग्स की नस्ले निच्चे लिखी हैं:

1 रॉटवेलर (Rottweiler)
2 जर्मन शेफर्ड (German Shepherd)
3 अलास्का मालाम्यूट (Alaskan Malamute)
4 बॉक्सर (Boxer)
5 गोल्डन रिट्रीवर (Golden Retriever)
6 अमेरिकन पिटबुल टेरियर (The American Pit Bull Terrier)
7 डोबर्मन पिंसर (Doberman Pinscher)

1 रॉटवेलर (Rottweiler)

रोट्ट वेलर अपने बड़े सिर, ठोस मांसपेशियों वाले शरीर, और विशिष्ट रूप से सुन्दर काले और तन चिह्नों के साथ अधिक पहचानने योग्य नस्लों में से एक है। यह बहुत बुद्धिमान, मजबूत और वफादार होते है। रॉटवेलर एक गार्ड डॉग, एक ड्रॉवर डॉग, एक ड्राफ्ट डॉग, एक रेस्क्यू डॉग और एक पुलिस डॉग के रूप में भी काम करता है। इसके बाल छोटे होते है जिसके कारण इसकी मेंटेनेंस में कोई परेशानी नहीं आती।

बड़े साइज के डॉग
# Rottweiler/ रॉटवेलर

इसकी हाइट 22 – 27 इंच होती है। इसकी कीमत Rs.15000 – 40000 तक है।

2 जर्मन शेफर्ड (German Shepherd)

बड़े साइज के डॉग German Shepherd
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बड़े साइज के डॉग German Shepherd Running
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जर्मन शेफर्ड दुनिया के सबसे लोकप्रिय कुत्तों में से एक हैं। इनके बाल मध्यम लंबाई के होते हैं। इनके बालों को हर कुछ दिनों में ब्रश किया जाना चाहिए। यह कभी-कभी चिंतित या आक्रामक भी हो सकते हैं यदि उन्हें ठीक से प्रशिक्षित और नियंत्रित ना किया जाए। यह एक काम करने वाला डॉग है जो एक विश्वसनीय गाइड डॉग के रूप में अंधे की मदद कर सकता है, अपराधियों का पीछा कर सकता है, हवाई अड्डे पर और मॉल में अवैध पदार्थों को सूंघ सकता है।
इसकी हाइट 24 – 26 इंच होती है। इसकी कीमत Rs.18000 – 40000 तक है।

3 अलास्का मालाम्यूट डॉग (Alaskan Malamute Dog)

अलास्का मालाम्यूट अपनी फर वाली पूंछ, खड़े कान, भारी हड्डी, गहरी छाती, शक्तिशाली कंधे, और घने बालों से जाना जाता है। इनको रहने के लिए खुली जगह की ज़रुरत होती है। अलास्का मालाम्यूट उच्च ऊर्जा वाले डॉग हैं, इसलिए उन्हें जोरदार व्यायाम की आवश्यकता होती है। यदि आप काम पर रहते है और इन्हे घर छोड़ने की योजना बनाते हैं, तो आपको कुछ चिंतित, विनाशकारी व्यवहार देखने को मिल सकता हैं। यदि आप घर पर नहीं हो सकते हैं, तो दिन के दौरान एक डॉग वॉकर या पेट सिटर रख सकते है।

बड़े साइज के डॉग Alaskan malamute
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इनके बालों को हफ्ते में 2 -3 बार ब्रश करना ज़रूरी होता है।
इसकी हाइट 23 – 25 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 200000 – 3500000 तक है।

4 बॉक्सर (Boxer)

बॉक्सर बहुत लंबे समय से अमेरिका की सबसे लोकप्रिय डॉग्स की नस्लों में से एक है। इसकी गहरे भूरे रंग की आंखें और झुर्रीदार माथा इसके चेहरे को एक सतर्क, जिज्ञासु रूप देते है। इनके गुड लुक्स, वफादारी, स्नेह, बुद्धिमान, काम की नैतिकता वाला,साहसी आदि इसे एक पूरा डॉग पैकेज बनाते है। यह बच्चों के साथ खेलना पसंद करते है।

यदि आप एक उच्च-ऊर्जा वाला जो परिवार के लिए अनुकूल हो ऐसे डॉग की तलाश में हैं, तो यह आपके लिए एक अच्छी चॉइस हो सकता है। यह उच्च एनर्जी वाले डॉग है इसलिए इनको रोज़ाना एक्सरसाइज की ज़रुरत होती है।

बड़े साइज के डॉग Boxer
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इसकी हाइट 23 -25 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 20000 -30000 तक होती है।

5 गोल्डन रिट्रीवर (Golden Retriever)

गोल्डन रिट्रीवर अमेरिका में सबसे लोकप्रिय डॉग्स की नस्लों में से एक है। इसके सुंदर सुनहरे रंग के बाल होते है। इसकी एक मोटी और पंखदार पूंछ होती है। इसकी अंडाकार आकार की आंखें बहुत प्यारी होती हैं। इसके कान छोटे होते हैं और नीचे लटके रहते हैं। इनका सहिष्णु रवैया इन्हे महान पारिवारिक पालतू जानवर बनाता है, और इनकी बुद्धि इन्हे अत्यधिक सक्षम काम करने वाले डॉग बनाती है। इनको ह्यपेरेक्टिव होने से बचाने के लिए रोज़ाना एक्सरसाइज की ज़रुरत होती है। इनके बालों को हफ्ते में 2 बार ब्रश करना ज़रूरी होता है। गोल्डन रिट्रीवर्स ट्रैकिंग, कानून प्रवर्तन के लिए प्रतिबंधित पदार्थों को सूँघने और चिकित्सा और सेवा डॉग्स के रूप में उत्कृष्ट हैं।

बड़े साइज के डॉग Golden retriever
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इसकी हाइट 23 -24 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 15000 -25000 तक होती है।

बड़े साइज के डॉग Golden retriever
Image by Couleur from Pixabay

6 अमेरिकन पिटबुल टेरियर (The American Pit Bull Terrier)

बड़े साइज के डॉग The American Pit Bull Terrier
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अमेरिकन पिट बुल टेरियर एक साथी और पारिवारिक डॉग की नस्ल है। इसका दूसरा नाम पिट बुल है। यह पूरा दिन काम करने की क्षमता रखते है। इन्हे रोज़ाना व्यायाम करने की अधीक आवश्यकता होती है, और इनको कूदना, खेलना और किसी भी नई जगहों पर जाना और गंधों की जांच करना अच्छा लगता है। पर्याप्त व्यायाम के बिना, ये नस्लें वजन बढ़ा सकती हैं और अपनी दबी हुई ऊर्जा को उन तरीकों से बाहर निकाल सकती हैं जो आपको पसंद नहीं हैं, जैसे कि भौंकना, चबाना और खोदना। इनकी मेंटेनेंस में कुछ खास खर्चा नहीं आता।
इसकी हाइट 24 इंच तक होती है। इसकी कीमत Rs. 20000 – 35000 तक होती है।

7 डोबर्मन पिंसर डॉग (Doberman Pinscher Dog)

डोबर्मन पिंसर चिकना और शक्तिशाली, एक शानदार काया और गहरी बुद्धि वाला डॉग है। यह अपनी एलिगेंट लुक के साथ- साथ निडर, सतर्क, साहसी और वफ़ादार होते है। अगर उन्हें खतरा महसूस होता है तो वे अपने परिवार और घर की रक्षा करते है। यह अपने परिवार के साथ रहना पसंद करते है।

यह शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद सक्रिय होते हैं। इसलिए इन्हे बहुत अधिक व्यायाम की आवश्यकता होती है।

बड़े साइज के डॉग Doberman Pinscher
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इसकी हाइट 26 -28 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 15000 -40000 तक है।

बड़ी नस्ल के डॉग रखने के फायदे:

  • सबसे अच्छी घर की सुरक्षा करते है।
  • यह घर के अंदर शांत होते है।
  • बच्चों के साथ अच्छे से रहते है।
  • यह हमेशा सहायता के लिए तैयार रहते है।
  • शोर कम करते है।
  • एक्सरसाइज इनके लिए बहुत ज़रूरी होती है,
    इसलिए यह आपके अच्छे पार्टनर बन सकते है।
  • यह शांत होते है, इसलिए आप इनको अच्छे से गले लगा सकते है।
  • छोटे डॉग्स के मुकाबले में इनको ट्रैन करना आसान होता है।

और यदि आप एक ऐसे पालतू डॉग की तलाश कर रहे हैं जो आपकी गोद में आसानी से आए,
तो इन छोटे और मध्यम आकार के डॉग की नस्लों को चेक करें।

निष्कर्ष : Pet अस्पताल के डीवीएम डेनिस रिओर्डन कहते हैं, “मैं जो पहली बार डॉग पालना चाहते है, उन्हें बड़े डॉग पलने से सावधान करता हूँ। क्यूंकि बड़े डॉग को अधिक देखभाल की ज़रुरत होती है, जैसे प्रशिक्षण के मामले में, स्वास्थ्य की देखभाल के मामले में, भोजन के मामले में आदि। लेकिन इसके साथ ही, विशेष रूप से सक्रिय जीवन शैली वाले लोगों के लिए बड़ी नस्लें अधिक अनुकूल होती हैं। ऊपर बताई गए डॉग्स की कीमत एक अनुमान है जो की जगह के हिसाब से अलग -अलग हो सकता है।

51 Motivational Quotes on ज़िन्दगी In Hindi

“ज़िन्दगी गुजारने के दो तरीके है, जो पसंद है इसे हासिल करलो या जो हासिल है इसे पसंद करलो।”


ज़िन्दगी की अचानक एक मोड़ पर सुख और दुःख से मुलाकात हो गई

🌹दुःख ने सुख से कहा🌹
तुम कितने भाग्यशाली हो, जो लोग तुम्हें पाने की कोशिश में लगे *रहते हैं….
सुख ने मुस्कराते हुए कहा, भाग्यशाली मैं नहीं तुम हो…!
दुःख ने हैरानी से पूछा :- वो कैसे सुख ने बड़ी ईमानदारी से जबाब दिया
वो ऐसे कि तुम्हें पाकर लोग अपनों को याद करते हैं 🙏लेकिन मुझे पाकर सब अपनों को भूल जाते हैं।


मेरी सभी कंपनियों के लिए मेरा मोटिवेशन ऐसी किसी चीज में शामिल होने का रहा है जो दुनिया पर सार्थक असर डाले.


जो आपका गुस्सा सहन करके भी आप का साथ दे…
उससे ज्यादा प्यार आपको कोई नही कर सकता।
काया और माया का कभी घमंड नही करे,
क्यूंकि मौत का कभी OTP नही आता..!!!


आशावादी हर आपत्तियों में भी अवसर देखता है और निराशावादी बहाने..
किसी भी काम को करने के लिए एक अवसर काफी है.. न करने के हजार बहाने!


वो* “बुलंदी” भी किस काम की?
जहां इंसान चढ़े; और इंसानियत गिर जाए…..!!!”
“दो” पल की ज़िन्दगी के सिर्फ “दो” ही “उसूल”
“निखरो” फूलों की तरह और “बिखरो” खुशबू की तरह
किसी को प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार है, और
किसी का प्रेम पाना सबसे बड़ा सम्मान है…


जहां प्रेम होता हैं, वही सागर बहता है
प्रभू भी वहीं बसते हैं और वहां रिश्ते भी अपने आप ही बन जाते हैं
ये प्रेम ही तो है जो..
हम आपको रोज याद करते हैं, क्योंकि मनुष्य के जीवन में प्रेम ईश्वरीय देन है
अतः, प्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं…


जिंदगी खेलती भी उसी के साथ है,
जो खिलाड़ी बेहतरीन होता है,
दर्द सबके एक से है, मगर हौंसले सबके अलग अलग है,
कोई हताश हो के बिखर जाता है,
तो कोई संघर्ष करके निखर जाता।


प्रभु-कृपा का अर्थ यह नहीं, कि जीवन में कभी दुःख ही न आए।
दुःख में भी आप दुखी न हों, वो घड़ी कब बीत जाए,
आप को पता ही न चले… यही है “प्रभुकृपा”।।


अहंकार की आरी और कपट की कुल्हाड़ी सम्बन्धों को काट डालती है,
किसी भी रिश्ते को कितनी भी खूबसूरती से क्यों न बांधा जाए।
अगर नज़रों में इज्जत और बोलने में लिहाज ना हो,
तो वह टूट जाता है…


स्वाद और विवाद दोनो को छोड़ देना चाहिए।
स्वाद छोड़ो तो शरीर को फायदा,
विवाद छोड़ो तो संबंधों को फायदा!


तकदीर के खेल से नाराज नहीं होते।
ज़िन्दगी में कभी उदास नहीं होते।
हाथों किं लक़ीरों पे यक़ीन मत करना।
तकदीर तो उनकी भी होती हैं , जिन के हाथ ही नहीं होते।


ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं और ना पास रहने से जुड़ जाते हैं
यह तो एहसास के पक्के धागे है जो याद करने से और मज़बूत हो जाते है।


“आँखों में जीत के सपने हैं, ऐसा लगता है अब जिंदगी के हर पल अपने हैं।”


अगर कुछ बेहद जरूरी है, तो भले ही चीजें आपके खिलाफ हों , फिर भी आपको वो जरुर करना चाहिए।


“समय”, “सेहत” और “सम्बन्ध”…
ये तीनों कभी कीमत का लेबल लगाकर नहीं आते,
पर जब हम उन्हें खो देते हैं तब हमें उनकी सही कीमत का एहसास होता है…


धैर्य और तपस्या जिसमें है….वही संसार को प्रकाशित कर सकता है..!
जीवन में प्रसन्न व्यक्ति वह हैं जो स्वयं का मूल्यांकन करता हैं…
दुःख़ी व्यक्ति वह हैं जो सिर्फ दूसरों का मूल्यांकन करता है।


समय बहाकर ले जाता है नाम और निशान,
कोई “हम” में रह जाता है कोई “अहम” में रह जाता है,
बोल मीठे न हो तो हिचकियां भी नहीं आती……
घर बड़ा हो या छोटा अगर मिठास ना हो तो इंसान क्या…
चींटियों भी नहीं आती…!!


दुश्मन को हज़ार मौके दो कि वो दोस्त बन जाए…
लेकिन दोस्त को एक भी ऐसा मौका मत दो कि वो दुश्मन बन जाए…


“जीवन के तीन मंत्र”
आनंद में – वचन मत दीजिये,
क्रोध में – उत्तर मत दीजिये
……ओर…..
दुःख में – निर्णय मत लीजिये।


ज़िन्दगी को देखने का सबका अपना अपना नजरिया होता है
कुछ लोग स्टेटस में ही सत्य बात कह देते है,
और कुछ लोग गीता पर हाथ रख कर भी सच नहीं बोलते।


“अगर आप उस इंसान की तलाश कर रहे हैं जो आपकी ज़िन्दगी बदलेगा, तो आईने में देख लें।”


आदमी जब पत्तल में खाना खाता था,
मेहमान को देख के वह हरा हो जाता था,
स्वागत में पूरा परिवार बिछ जाता था….
बाद में जब वह मिट्टी के बर्तन में खाने लगा,
रिश्तों को जमीन से जुड़कर निभाने लगा..
फिर जब पीतल के बर्तन उपयोग में लेता था,
रिश्तों को साल छः महीने में चमका लेता था…
लेकिन बर्तन कांच के जब से बरतने लगे,
एक हल्की सी चोट में रिश्ते बिखरने लगे …
अब बर्तन, थर्मोकोल पेपर के इस्तेमाल होने लगे,
सारे *सम्बन्ध भी अब यूज़ एंड थ्रो होने लगे …


ज़िन्दगी को जीओ, उसे समझने की कोशिश ना करो…
चलते वक्त के साथ चलो, वक्त को बदलने की कोशिश न करो….
दिल खोल कर सांस लो, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न करो….!
कुछ बातें ईश्वर पर छोड़ दो, सब कुछ खुद सुलझाने
की कोशिश न करो……!!


रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है,
ना चाहते हुए भी प्यार होता है,
क्यू देखते है हम वो सपने,
जिनके टूटने पर भी उनके सच होने का इंतेज़ार होता है…


नाम और पहचान भले ही छोटी हो….
मगर खुद की होनी चाहिए
सभी का सम्मान करना बहुत अच्छी बात है,पर
आत्मसम्मान के साथ जीना खुद की पहचान है।


शिकायत न करे जिंदगी से…
शुक्रिया अदा कीजिए क्यों कि आपके पास जितना है…
न जाने🤔 कितनों के पास उतना भी नहीं है।


प्यार और उधार उसी को बांटो जिनसे वापसी की उम्मीद हो
दिया मिट्टी का है या सोने का, यह जरूरी नहीं है;
बल्कि वो अंधेरे में उजाला कितना देता है, यह जरुरी है।
उसी तरह दोस्त गरीब है या अमीर है, यह जरूरी नहीं है।
बल्कि वो आपकी मुसीबत में आपका कितना साथ देता है, यह जरूरी है।
बुरा वक़्त सबसे बड़ा जादूगर है..
एक ही पल में सारे चाहने वालों के चेहरे से पर्दा हटा देता है।


अगर ज़िंदगी में कुछ पाना हो, तो तरीके बदलो इरादे नहीं…!!


उस इंसान पर हमेशा भरोसा करना चाहिए,
जो आपके अन्दर येतीन बातें जान सके…
-मुस्कराहट के पीछे “दुःख”
-गुस्से के पीछे “प्यार”
-चुप रहने के पीछे “वजह”।


सत्य की भूख सबको है, लेकिन सत्य जब परोसा जाता है,
तो बहुत कम लोगों को इसका स्वाद अच्छा लगता है।


जिस तरह थोडी सी दवाई भयंकर रोगों को शांत कर देती है,
उसी तरह…ईश्वर का थोडा सा ध्यान
बहुत से कष्ट और दुखों का नाश कर देता है!


जीवन का सबसे बड़ा गुरु केवल वक्त होता है,
क्योंकि जो वक्त सिखाता है वो कोई नहीं सीखा पाता…


“करम” की “गठरी” “लाद” के “जग” में फिरे “इंसान”…
“जैसा” करे “वैसा” “भरे”,”विधि” का यहीं “विधान”…


“कर्म” करे “किस्मत” बनें “जीवन” का ये “मर्म”..
“प्राणी” तेरे “भाग्य” में तेरा अपना “कर्म”….


फूलों की तरह मुस्कुराते रहिये,
भंवरों की तरह गुनगुनाते रहिये,
चुप रहने से रिश्ते भी उदास हो जाते हैं,
कुछ उनकी सुनिए और कुछ अपनी सुनाते रहिये,
भूल जाइये शिकवे शिकायतों के पलों को,,,
छोटी छोटी खुशियों में मोती लुटाते रहिये..


माना कि आप किसी का भाग्य नहीं बदल सकते,
लेकिन अच्छी प्रेरणा देकर किसी का मार्ग-दर्शन तो कर सकते हैं।
भगवान कहते हैं जीवन में कभी मौका
मिले तो सारथी बनना, स्वार्थी नही।


ज़िन्दगी में कितनी ही परेशानी क्यों न आये कमजोर मत होना क्योंकि सूरज की तपन से समंदर भी कभी सूखा नही करते..


बोल उठती है तस्वीर मन से बुला कर देख,
दिल की बात ज़रा प्रभु को सुना कर देख।
देते है वो सबकी बातों का जवाब,
दुःख अपने दिल का उनको बता कर देख।
होगा इक रोज़ तुमको भी किस्मत पे अपनी नाज़
चरणों में उनके सिर को झुका कर देख।
अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी
वो उन लोगों की भी इज्जत करता है,
जिनसे उसे किसी तरह के फायदे की उम्मीद नही होती..


“प्रशंसा” से “पिघलना” मत,
“आलोचना” से “उबलना” मत,
निस्वार्थ भाव से कर्म कर
क्योंकि इस “धरा” का, इस “धरा” पर,
सब “धरा रह जाऐगा
“मनुष्य कितना भी गोरा क्यों ना हो
परंतु उसकी परछाई सदैव काली होती है !
“मैं सर्वश्रेष्ठ हूँ” यह आत्मविश्वास है लेकिन
“सिर्फ मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूँ” यह अहंकार है..
अहंकार से जिनका, मन मैला है ,
करोड़ों की भीड़ में भी, वह अकेला है !


प्यार इंसान से करो उसकी आदत से नहीं,
रूठो उनकी बातों से मगर उनसे नहीं,
भूलो उनकी गलतियां पर उन्हें नहीं,
क्योंकि रिश्तों से बढ़कर
कुछ भी नहीं….


“सबंध” ज्ञान एवं पैसे से भी बड़ा होता है,
क्योकि जब ज्ञान और पैसा विफल हो जाता है।
तब “सबंध” से स्थिति सम्भाली जा सकती है,
“मधुर सबंध” बनाकर जीवन सार्थक कीजिये।
हँसते रहिये हंसाते रहिये, सदा मुस्कुराते रहिये।


ऊपर वाले का जवाब भले ही देर से मिलता है पर लाजवाब मिलता है।”


ज़िन्दगी जख्मों से भरी है वक्त को मरहम बनाना सिख लों,
हारना तो है ही मौत के सामने पहले जिंदगी से जीना सिख लो।


अगर जिंदगी में सुकून चाहते हो तो Focus अपने काम पर करो लोगों की बातो पर नहीं..


थोड़ा डुबूंगा, मगर मैं फिर तैर आऊंगा,
ऐ ज़िंदगी, तू देख, मैं फिर जीत जाऊंगा…


मैं शुक्रगुजार हूं उन तमाम लोगों का जिन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ छोड़ दिया,
क्योंकि उन्हें भरोसा था कि मैं मुसिबतों से अकेले हि निपट सकता हूं।


अक्सर अकेलेपन से वहीं गुजरता है,
जो ज़िंदगी में सही फैंसलों को चुनता है।


ज़िन्दगी तीन पेज की है…….
पहला और अंतिम पेज भगवान ने लिख दिया है :
पहला ” जन्म ” .., अंतिम ” मृत्यु ” !!!!!!
बीच के पेज को हमें भरना है ; ” * प्यार * ” , ” * विश्वास * ” और ” * मुस्कराहट * ” के द्वारा।


ज़िन्दगी सँवारने को तो ज़िन्दगी पड़ी है,
वो लम्हाँ सँवार लो जहाँ ज़िन्दगी खड़ी है।


मंजिल इंसान के हौसले आज़माती है, सपनों के पर्दे आँखों से हटाती है,
किसी भी बात से हिम्मत ना हारना; ठोकर ही इंसान को चलना सिखाती है।


कुछ ज्यादा ख़्वाहिशें नहीं ए-ज़िन्दगी तुझसे,
बस मेरा अगला कदम पिछले से बेहतरीन हो!!


तूफ़ान में कभी ताश का घर नहीं बनता रोने से कभी बिगड़ा मुक़द्दर नहीं संवरता.
दुनिया को जितने का हौसला रखो..
एक बार हारने से कोई फ़क़िर नहीं बनता,
और एक बार जीतने से कोई सिकंदर नहीं बनता!!


ज़िन्दगी की कठनाइयों से भाग जाना आसान होता है,
ज़िन्दगी में हर पहलू इम्तेहान होता है,
डरने वालो को नही मिलता कुछ ज़िन्दगी में,
लड़ने वालों के कदमो में जहांन होता है।
यही जज्बा रहा तो मुश्किलों का हल भी निकलेगा,
जमीं बंजर हुई तो क्या वहीं से जल भी निकलेगा,
ना हो मायूस ना घबरा अंधेरों से मेरे साथी,
इन्हीं रातों के दामन से सुनहरा कल भी निकलेगा।


जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी, उस काम को करने में हैं,
जिसे लोग कहते हैं, “तुम नहीं कर सकते”…


ज़िन्दगी तुम्हारी हैं, चाहे तो बना लो चाहे तो मिटा लो,
अगर चाहते हो कुछ करना, तो अभी भी वक़्त हैं अपनी जान लगा दो..


जब मेहनत करने के बाद भी सपने पुरे नहीं होते तो रास्ते बदलीए
सिद्धांत नहीं क्योंकी, पेड़ भी हमेशा पत्ते बदलता है जड़ नहीं…


ज़िन्दगी एक आइना है,
ये तभी मुस्कुराएगी जब हम मुस्कुरायेंगे..


कई जीत बाकी है कई हार बाकी है,
अभी तो ज़िन्दगी का सार बाकी है।
यहां से चले हैं नई मंजिल के लिए,
यह तो एक पन्ना था अभी तो पुरी किताब बाकी है॥


मध्यम नस्ल के डॉग (Medium Dog breed) Bow Wow

आज के दौर में लोगों में डॉग्स को पालने का क्रेज बहुत बढ़ गया है। ऐसे में कौन से ब्रीड का डॉग आप रखना चाहते है, यह आपकी जानकारी और पसंद पर निर्भर करता है। कुछ लोग बड़ी नस्ल के डॉग्स पसंद करते है, तो कुछ छोटी नस्ल को, पर इन दोनों में से मध्यम नस्ल के डॉग्स बेहतर होते है। मध्यम नस्ल के डॉग को छोटे डॉग जैसे cuddle कर सकते है, और बड़े डॉग्स की तरह चंचल और सभ्य होते है और कुछ तो घर की चौकीदारी भी करते है।

“कुत्ते बातें करते हैं, लेकिन सिर्फ उन्हीं से जो उन्हें सुनना जानते हैं।” ~ओरहान पामुक

आमतौर पर इनका जीवन काल 10 -13 साल होता है, जो छोटे डॉग्स की तुलना में कम है।
मध्यम डॉग्स का वज़न 11 किलो से ऊपर होता है।
अगर आप एक वर्क डॉग की नस्ल देख रहे है, यानि घर के रखवाली के लिए तो मध्यम नस्ल के डॉग एक अच्छा चॉइस है। क्योंकि मध्यम डॉग्स में बहुत बहुत सारी ब्रीड के डॉग है, जिसमें आप आसानी से अपने पसंद का डॉग ले सकते है।
ऐसे मध्यम डॉग के कुछ उधारण नीचे दिए है।

टॉप 6 मध्यम नस्ल के डॉग:

1 लैब्राडोर रिट्रीवर डॉग (Labrador Retriever)
2 बुलडॉग (bulldog)
3 साइबेरियन हस्की डॉग (Siberian Husky)
4 ऑस्ट्रेलियन शैफर्ड (Australian Shepherd)
5 बेसेट हाउंड (Basset Hound)
6 डालमेटियन (Dalmatian)

1 लैब्राडोर रिट्रीवर (मध्यम नस्ल का डॉग Labrador Retriever):

लैब्राडोर रिट्रीवर एक दृढ़ता से निर्मित, मध्यम आकार का डॉग है। जैसे इसके नाम रिट्रीवर से पता चलता है, यह एक शिकारी डॉग है और घर की रखवाली के लिए अच्छा चॉइस है। यह एक संतुलित डॉग है, जो इसे अच्छी तरह से कार्य करने में सक्षम बनाता है। इसकी चौड़ी पीठ, साफ -सुथरा सर और छोटे घने बाल के साथ इसकी “दयालु,” दोस्ताना आँखें, बुद्धि और अच्छा स्वभाव इसकी सुंदरता को बढ़ाते है। यह हंसमुख, वफादार और उत्साही होते है। इनको बच्चों और अन्य पालतू जानवरों के साथ खेलना पसंद होता है।

मध्यम नस्ल के डॉग-Bow Wow
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लैब्राडोर को समय -समय से नहलाना और बालों को ब्रश करना ज़रूरी होता है।
इनको रेगुलर एक्सरसाइज और ट्रेनिंग की ज़रुरत होती है। इसकी कीमत Rs.10000 -20000 के बीच में है।

2 बुलडॉग (bulldog):

बुलडॉग मध्यम आकार का डॉग है। इसके बल छोटे और मुलायम होते है। यह एक मजबूत, चौड़े कंधे वाला और बड़े पैमाने पर छोटे चेहरे वाला सिर होता है। बुलडॉग की अनूठी उपस्थिति उन्हें सबसे अलग बनाती है। इनका हंसमुख व्यक्तित्व, साहसी, वफादार और मिलनसार स्वभाव लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बुलडॉग के पास एक मीठा, सौम्य स्वभाव है जो अधिकांश बच्चों को अपनी ओर खींचता है। यह लोगों से प्यार करते हैं और अपने परिवार से बहुत अधिक ध्यान/ attention चाहते हैं।

इसकी हाइट 14 -15 इंच होती है। बुलडॉग की कीमत Rs.20000 -28000 तक है।

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3 साइबेरियन हस्की (Siberian Husky):

साइबेरियन हस्की एक मध्यम आकार का तेज़, काम करने वाला डॉग है। इसके कान सीधे और पूंछ ब्रश की तरह होती है। साइबेरियन हस्की मध्यम नस्ल में एक सुंदर, फर वाले बालों वाला डॉग है, जो कई रंगों और चिह्नों में आता है। इनकी नीली या बहु-रंगीन आंखें इसको और भी सुन्दर बनाते है। आमतौर पर यह मिलनसार होते है, यहां तक ​​​​कि अजनबियों पर भरोसा करने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन ये सतर्क भी होते है। यह बच्चों के साथ खेलने के लिए उत्सुक रहते है। ये एक काम करने वाला डॉग है, तो इसको एक्सरसाइज की बहुत ज़रुरत होती है। इसकी केयर में ज़्यादा टाइम नहीं लगता। यह एक साफ सुथरा डॉग है और हफ्ते में एक बार इसके बालों को ब्रश करने से भी चल जाता है।

इसकी हाइट 21 – 23.5 इंच होती है। यह Rs. 50000 – 80000 के बीच में मिल जाता है।

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4 ऑस्ट्रेलियन शैफर्ड (Australian Shepherd):

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ऑस्ट्रेलियन शैफर्ड स्पोर्टी स्ट्रीक वाले समर्पित डॉग है, जो हमेशा फॅमिली में रहना चाहते है। खेल के प्रति इनका प्रबल प्रेम और कोमल स्वभाव जो इनके खेल को कभी भी खुरदरा होने से रोकता है, उन्हें बच्चों के साथ उत्कृष्ट बनाता है। यह एक सुपर-स्मार्ट और ऊर्जावान डॉग है। यह एक सोचने वाला डॉग है, जो अपने दिमाग का इस्तेमाल करने और निर्णय लेने के लिए जाना जाता है। यह हर उस चीज का हिस्सा बनना चाहता है जो चल रही है और खुश रहने के लिए इसको एक सक्रिय जीवन शैली की जरूरत है। ये हर दिन एक ही समय पर होने वाली चीजें पसंद करता है जैसे भोजन, सैर, सोने का समय। जब भी आप कुछ बदलना चाहते हैं,

तो आपको पहले ऑस्ट्रेलियन शैफर्ड के उस पर हस्ताक्षर लेना ज़रूरी है, नहीं तो यह डॉग संभालने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी।
इसके बालों को हफ्ते में एक बार ब्रश करना काफी है।

इसकी हाइट 20 -23 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 35000 -50000 तक है।

5 बेसेट हाउंड (Basset Hound):

बेसेट हाउंड का हंसमुख चेहरा, फ्लॉपी कान, छोटे पैर और मजबूत हड्डी वाला डॉग है। बासेट हाउंड उत्कृष्ट ट्रैकिंग वाले डॉग हैं, लेकिन वे परिवार के साथ समय बिताने से बहुत ही खुश रहते हैं। इसके छोटे पैरों से मूर्ख मत बनना क्यूंकि बेससेट हाउंड बड़े कुत्ते होते हैं, जिनका वजन लगभग 18 -29 किलो तक होता है जबकि इनकी हाइट केवल 15 इंच तक होती हैं।इसकी सुघने की शक्ति बहुत तेज़ होती है। यह नस्ल अपने आसान व्यवहार के लिए जानी जाती है। बासेट हाउंड नर्म और धैर्यवान स्वभाव के होते हैं, जो उन्हें बच्चों और परिवारों के लिए एकदम सही बनाते हैं। बासेट को खुश रखने के लिए मध्यम व्यायाम (और निश्चित रूप से खेलना) ज़रूरी होता है।

मध्यम नस्ल के डॉग-Bow Wow
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इसके विशिष्ट लंबे और भारी कानों को थोड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है।
हफ्ते में एक बार ब्रशिंग भी आवश्यक होती है। इसकी कीमत Rs. 30000 – 45000 तक है।

6 डालमेटियन (Dalmatian):

अपने धब्बेदार कोट के साथ, डालमेटियन दुनिया में सबसे अधिक पहचाने जाने वाले डॉग्स में से एक है। इनकी वफादारी और चंचल व्यक्तित्व इन्हे परिवार के लिए परिपूर्ण बनाता है। इसका एक सुंदर पैटर्न है जो हर किसी का ध्यान आकर्षित करता है। यह मीठे, स्मार्ट और चंचल स्वभाव का डॉग है। इनको कैरिज डॉग, सर्कस डॉग और फायरहाउस डॉग ले आदि के काम में शामिल किया जाता हैं। यह बहुत बुद्धिमान और मेहनती होते हैं। लेकिन कुछ भी नया मिलने पर वे डरपोक हो सकते हैं। अगर इनको बहुत देर तक अकेला छोड़ दिया जाए, तो ये विनाशकारी हो सकते हैं या फिर उदास हो जाएंगे। यह लोगों के साथ रहना पसंद करते हैं और सभी पारिवारिक गतिविधियों में शामिल होना चाहते हैं, चाहे घर के अंदर हो या बाहर। इनको रेगुलर एक्सरसाइज और ट्रेनिंग की ज़रुरत होती है।

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इसकी हाइट 19 – 24 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 22000 – 35000 तक है।

मध्यम नस्ल के डॉग पालने के फायदे :

– यह टॉय डॉग्स की तुलना में ज़्यादा एक्टिव होते है।
– इनमें टॉय डॉग और बड़े डॉग के तुलना में ज़्यादा नस्ले होती है।
– अगर आप वाक और एक्सरसाइज करना पसंद करते है तो यह आपका अच्छा साथी बन सकता है।
– बड़े डॉग्स की तुलना में इनके खान-पान में कम खर्चा होता है।
– यह घर की रखवाली के लिए अच्छे माने जाते है।

निष्कर्ष:

इस आर्टिकल में बताई जानकारी सामान्य है। इसकी कोई गारंटी नहीं है कि सभी डॉग्स की नस्लें समान व्यक्तित्व प्रदर्शित करेंगी। डॉग के माता-पिता के आधार पर शारीरिक विशेषताएं अलग-अलग होंगी और इनके व्यक्तित्व अक्सर अलग-अलग होंगे। यह इस बात पर निर्भर करते हैं कि कैसे वातावरण में उनका पालन-पोषण किया जाता है, ट्रेनिंग कैसी है आदि।
ऊपर बताई गए डॉग्स की कीमत एक अनुमान है जो की जगह के हिसाब से अलग -अलग हो सकता है।

11 पॉपुलर छोटी नसल के डॉग: A Little wonderful woof

डॉग्स  को हमेशा से इंसान का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है क्योंकि डॉग बहुत वफादार होते है। इसमें कोई शक नहीं है क्योंकि वफ़ादारी की जहाँ बात होती है वहां डॉग का जीकर ज़रूर होता है। माना जाता है की डॉग भेड़िये के वंश से है। स्टडी के अनुसार डॉग का DNA  99.9% भेड़िये से मिलता है। मनुष्य इसे सबसे ज़्यादा पालते है। आप को बता दे कि आज के ज़माने में लोग डॉग्स को पालते ही नहीं बल्कि उनको अपने बच्चे की तरह प्यार करते है और देखभाल करते है। डॉग्स भी अपने मालीक को बहुत प्यार करते है। डॉग पलने से आपके घर का माहौल हमेशा खुशनुमा रहता है।

“ एक कुत्ता आपको आपकी बुरी मनोदशा से इतनी अधिक गति से बाहर निकाल सकते हैं, जितना कि आप सोच भी नही सकते”। जिल अब्राम्सन 

आइए एक सामान्य गाइड के द्वारा जानते है कि आपके डॉग का आकार किस श्रेणी में आता है..

1 छोटे डॉग्स (Small dogs) – इनका वज़न 1 से 10 किलो के बीच होता है।

2 मध्यम साइज के डॉग्स (Medium dogs) – इनका वज़न 11 से 26 किलो के बीच होता है।

3 बड़े साइज के डॉग्स (Large dogs) – इनका वज़न 27 से 45 किलो के बीच होता है।

4 जायंट साइज के डॉग्स (Giant or Extra Large dogs) – इनका वज़न 45 किलो और उससे ज़्यादा होता है।

आज हम बात करेंगे 11 पॉपुलर छोटी नसल के डॉग्स  के बारे में और जानते है कौन से डॉग्स इस श्रेणी में आते है।

  • बीगल (Beagle)
  • बोस्टन टेरियर (Boston Terrier)
  • कॉकर स्पैनियल (Cocker Spaniel)
  • कवलिएर किंग चार्ल्स स्पैनियल (Cavalier King Charles Spaniel)
  • यॉर्कशायर (Yorkshire)
  • पोमेरेनियनडॉग(Pomeranian dog)
  • शिहत्जू  (Shih Tzu dog)
  • मल्टीस डॉग (Maltese dog)
  • पग डॉग (Pug dog)
  • पूडल डॉग (Poodle dog)
  • चिहअहुआ डॉग (Chihuahua dog)

1 बीगल (Beagle)

बीगल डॉग के कान लम्बे होते है और इनकी सूंघने की क्षमता बहुत ज़बरदस्त होती है। इनका स्वभाव बहुत शांत होता है। यह बहुत ही खुशमिज़ाज़ और एक्टिव होते है।  इन्हें खेलना बहुत पसंद है। बीगल डॉग ब्रीड की उम्र 13 – 15 साल होती है और बाकि आपकी केयर पर निर्भर करता है। बीगल डॉग के बाल छोटे होते है, जिसके कारण इनकी मेंटेनन्स यानि संभाल में आपको ज्यादा मुश्किल नहीं होती। इसकी हाइट 13 -16 इंच होती है। भारत में यह Rs. 15,000 – Rs. 30,000 में मिल जाता है।

2 बोस्टन टेरियर डॉग (Boston Terrier)

बोस्टन टेरियर एक मजबूत नसल का डॉग है और इसका सर चौड़ा होता है। यह एक चंचल स्वभाव, प्रभावशाली और शांत किसम का डॉग है। यह दूसरे डॉग्स के मुकाबले में बिना कारण नहीं भौंकता है। इनकी संभल में ज़्यादा खर्चा नहीं होता। इनकी उम्र 13 – 15 साल तक होती है। इसकी हाइट 5 -12 इंच होती है। भारत में इसकी कीमत Rs. 20,000 – Rs. 40,000 तक है।

3 इंग्लिश कॉकर स्पैनियल (English Cocker Spaniel)

इंग्लिश कॉकर स्पैनियल एक छोटा ,मजबूत और संतुलित डॉग है। इसके कान लम्बे होते है। यह बुद्धिमान होते है और अपनी सतर्कता के लिए जाने जाते है। इनकी उम्र 14 – 16 साल होती है। इसकी हाइट 16 -17 इंच होती है। भारत में इसकी कीमत Rs. 15,000 – Rs. 35,000 तक है।

4 कवलिएर किंग चार्ल्स स्पैनियल (Cavalier King Charles Spaniel)

कवलिएर किंग चार्ल्स स्पैनियल स्नेही, सहज और प्यार करने वाले, ऊर्जावान और चंचल डॉग होते हैं। यह बच्चों से खेलना और उन्हें खुश करने के लिए उत्सुक होते है। यह बहुत ही मिलनसार व्यक्तित्व के होते है इसलिए यह अजनबियों से बहुत जल्दी दोस्ती कर लेते हैं। इनकी उम्र 12 – 15 साल होती है। इनकी हाइट 12 -13 इंच होती है। भारत में इसकी कीमत Rs. 50,000 – Rs. 65,000 तक है।

5 यॉर्कशायर डॉग (Yorkshire dog)

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यॉर्कशायर एक उत्साही और प्यार करने वाला डॉग है। यह देखने में खूबसूरत होते है और कभी कभी बोसी ऐटिटूड दिखते है। इनको खेलना पसंद होता है। इनके बाल लम्बे, इंसानो जैसे होते है। इनकी मेंटेनन्स में थोड़ा खर्चा होता है। इनकी उम्र 13 – 16 साल तक होती है और इनकी हाइट 8 -9 इंच होती है। भारत में इसकी कीमत Rs. 30,000 – Rs. 45,000 तक है।

6 पोमेरेनियन डॉग (Pomeranian dog)

Pomernian
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पोमेरेनियन छोटा मगर मजबूत डॉग हैं। यह बहुत लोकप्रिय है और कुछ-कुछ इंडियन स्पिट्ज की तरह दिखते है। यह आमतौर पर बहुत दोस्ताना और जीवंत नस्ल के डॉग हैं। यह अपने मालिक के आस-पास रहना पसंद करते हैं और उनकी रक्षा करने के लिए जाने जाते हैं। यह बहुत सतर्क होते है, अगर बाहर आवाज़ या हलचल हो तो तुरंत भोंकना शुरू कर देते है।

पोमेरेनियन बहुत बुद्धिमान होते है, अगर इनको कुछ सिखाया जाये तो बहुत जल्दी सीख लेते है। इनकी उम्र 12 -16 साल होती है और हाइट 5 – 11 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 5,000 – Rs. 15,000 तक है।

7 शिहत्जू  (Shih Tzu dog)

शिहत्त्जू एक बहुत सुन्दर, बड़ी आँखों वाला डॉग है। यह सुन्दर और आकर्षक होने के साथ साथ हंसमुख और सनेही भी है। यह बच्चों से बहुत जल्दी घुल मिल जाता है और हमेशा परिवार के साथ रहना पसंद करता है। इसके बलम्बे और घने होते है जिसके कारण इसकी मेंटेनेंस में खर्चा होता है। इसकी उम्र 10 – 12 साल होती है और हाइट 8 -11 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 25,000 – Rs. 40,000 तक है।

8 मल्टीस डॉग (Maltese dog)

11 पॉपुलर छोटी नसल के डॉग
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मल्टीस एक निडर, स्नेही, बुद्धिमान, उत्तरदायी और भरोसेमंद डॉग है। यह चंचल स्वभाव और कुछ भी जल्दी सिखने की क्षमता रखते है। यह किसी के साथ भी जल्दी घुलमिल जाते है। इनके बल कोमल और लम्बे होते है जिसके वजह से इनकी मेंटेनेंस में खर्चा आता है। यह अत्यधिक सतर्क होते है इसलिए किसी अनजान आवाज़ से भोंकने लगते है।  इनकी उम्र 12 -14 साल होती है और हाइट 9 -10 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 20,000 – Rs. 30,000 तक है।

9 पग डॉग (Pug dog)

11 पॉपुलर छोटी नसल के डॉग pug
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पग एक फेमस ब्रीड है।  इसका मुँह पंच होता है और इसके सर और मुँह पर रिंकल होते है। जिसकी वजह से इसका मुँह काफी भरा लगता है।  इसके बल छोटे होते है जिसके कारण इसकी मेंटेनेंस में कोई परेशानी नहीं आती। इसकी उम्र 10 -15 साल और हाइट 10 -14 इंच होती है। इसकी कीमत Rs. 6,000 – Rs. 18,000 तक है।

10 पूडल डॉग (Poodle dog)

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पूडल एक सजीला डॉग है। यह चुस्त होते है इनको बच्चों के साथ खेलना पसंद होता है और यह आसानी से किसी को भी दोस्त बना लेते है। पूडल के ब्रीड में थोड़े बड़े डॉग भी आते है, पर तोय पूडले की हाइट 10 इंच से ज़्यादा नहीं होती। इनके बल घुंगराले होते है। अगर आप इसके बल नहीं कटवाते तोह इनको रोज़ाना बालों में ब्रश की ज़रुरत होती है। अमेरिकन केनल क्लब के अनुसार इनकी उम्र 10 -18 साल होती है। इसकी कीमत Rs. 35,000 – Rs. 50,000 तक है।

11 चिहअहुआ डॉग (Chihuahua dog)

11 पॉपुलर छोटी नसल के डॉग
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चिहअहुआ डॉग  एक सुंदर, सावधान, तेज-चाल वाला छोटा डॉग है।  जिसके हाव-भाव तीक्ष्ण और चुस्त है और स्वभाव में एक शिकारी डॉग के गुण मौजूद हैं। यह अगर गुस्से में है और थोड़ा उकसाया जाये तोह यह जल्दी हमला कर देते है। इनको ट्रेनिंग की बहुत ज़रुरत होती है। अन्य कुत्तों से यह घुलते मिलते नहीं है।  लेकिन अन्य चिहुआहुआ के साथ रहना अक्सर पसंद करते हैं। इनकी उम्र 12 -16 साल और हाइट 6 -10 इंच होती है।  इसकी कीमत Rs. 6,000 – Rs. 20,000 तक है।

छोटे नस्ल के डॉग्स रखने के फायदे:

– छोटे डॉग्स को कहीं से लेकर आने और लेकर जाने में आसानी होती है।
– घर में ज़्यादा जगह नहीं लेते और छोटे घर /फ्लैट्स के लिए बहुत अच्छी चॉइस है।
– इनकी साफ सफाई और सवारने में कम टाइम लगता है।
यह लम्बे समय तक जीते है।  
– इनको ज़्यादा खाने की ज़रुरत नहीं होती।

रॉबर्ट मैक केमन ~“कई वर्षों तक कुत्ता पालने के बाद, आप उससे जानने लगते हो। आप उसकी छींकों, गुर्राहटों आदि का मतलब समझने लगते हो। उसके कान का ज़रा सा मुड़ना भी उसका कोई सवाल होता है, और हर बात पर पूंछ हिला कर वह विस्मय प्रकट करता है।”

निष्कर्ष: छोटी ब्रीड के डॉग्स आजकल बहुत पॉपुलर है। एक डॉग खरीदने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर ले। ऊपर बताई गई जानकारी के अनुसार डॉग्स के प्राइस का एक एस्टीमेट है। हर जगह यानि स्टेट और शहर के हिसाब से इसका प्राइस कम या ज़्यादा हो सकता है।

एक्सरसाइज से करे वज़न और मोटापा कम- Turn fat into fit

आज के दौर में हर इंसान चाहता है की उसका शरीर स्वस्थ रहे और देखने में आकर्षक लगे, परंतु आजकल की मॉडर्न लाइफस्टाइल की वजह से बढ़ता हुआ वजन एक बड़ी समस्या बन गया है। हमारी बिगड़ी हुई आहार शैली और दिनचर्या के कारण आज अधिकतर लोग बढ़ते वज़न और मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं।मोटापा न सिर्फ बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि आपकी पर्सनालिटी पर भी बहुत असर डालता है। हम वज़न और मोटापे को कम करने के बारे में सोचते है, इसके लिए एक्सरसाइज और डाइट भी करते है, लेकिन लाख कोशिशे करने के बाद भी वजन कम नहीं कर पाते।

किसमें छुपा है वज़न और मोटापा कम करने का सीक्रेट?

असल में, वज़न और मोटापा कम करने के लिए खान-पान पर नियंत्रण ज़रूरी माना गया है, जो कि एक सीमा तक ही संभव है। इसलिए वजन और मोटापे को कम करने के लिए हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव करने के साथ-साथ एक्सरसाइज (व्यायाम) करना बहुत ज़रूरी होता है। हम आपको ऐसी असरदार एक्सरसाइजेज के बारे में बतायेगे जो आपके मोटापे को भगाने में और वज़न कम करने में बहुत मदद करती है।
But, If सब छोड़ो क्यूंकि अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेने के लिए यह काम नहीं आते। उसके लिए हर रोज़ एक्सरसाइज करनी पड़ती है।

Top 10 एक्सरसाइजेज जो करे वज़न और मोटापा कम

1 टहलना (walking)

एक्सरसाइज में टहलना वज़न कम करने का सबसे आसान तरीका है। इसे किसी भी उम्र के व्यक्ति आसानी से कर सकते हैं। टहलने (walking) के लिए आपको कहीं बाहर जाने की ज़रुरत नहीं है, बल्कि आप अपने घर की छत पर टहल सकते है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेज चलकर/ब्रिस्क वॉक से एक इंसान सामान्य तौर पर एक घंटे में करीब 371 कैलोरी तक घटा सकता है, जो कि वज़न कम करने में मदद करती है।

एक्सरसाइज से करे वज़न और मोटापा कम

रोज टहलने के फायदे क्या है?

-वजन को कम करने में मदद मिलती है।
– डाइजेशन बेहतर होता है।
– इम्यून सिस्टम बूस्ट होता है।
– हृदय का स्वास्थ्य बेहतर होता है।
– ऊर्जा बढ़ती है, थकान और आलस दूर होता है।
– स्किन में ग्लो आता है।
– ब्रेन हेल्थ अच्छी होती है।
– कमर दर्द से राहत मिलती है।
– ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।

2 साइकिल चलाना (cycling)

एक्सरसाइज में साइकिल चलाना एक मजेदार एक्टिविटी है। साइकिल चलाने से वज़न तो कम होता ही है, इसके साथ- साथ मांसपेशियों टोन होती है और हड्डियों को मजबूत करने के लिए भी एक बेहतरीन एक्सरसाइज है। इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते है और रोज़ाना 30 मिनट साइकिल चलाने से हमे कई फायदे होते है।

साइकिलिंग के फायदे क्या है ?

– तनाव से छुटाकारा
– शरीर का स्टैमिना बढ़ता है।
– मांसपेशियां मजबूत होती है।
– फेफड़ों की क्षमता में सुधार होता है और फेफड़ों में मजबूती आती है।
– इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
– वजन घटाने और पेट कम करने में मददगार है।
– कैंसर का खतरा कम होता है।
– शुगर के मरीज़ों के लिए फायदेमंद।
गठिया की रोकथाम में मदद करे

3 दौड़ना (Running)

मोटापा और वजन को तेज़ी से घटाने के लिए दौड़ना (running), सबसे अच्छा उपाय माना जाता है। इससे पूरे शरीर का एक साथ व्यायाम होता है। जो लोग नियमित रूप से दौड़ते है, उनका फिटनेस लेवल भी काफी हाई रहता है। पेट की चर्बी कम करना हो या जल्दी वजन घटाना हो दोनों के लिए रनिंग एक बहुत ही अच्छी एक्सरसाइज है।

रनिंग करने के फायदे क्या है?

– पाचन तंत्र मजबूत होता है।
– वज़न और मोटापा कम होता है।
– अच्छी नींद आती है।
– टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है।
– हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है।
– हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द से राहत मिलती है।
– दिल, शरीर और दिमाग स्वस्थ रहता है और इसका संतुलन बना रहता है।
– शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है।
– ब्रैस्ट कैंसर के खतरे को कम करता है।
– सहनशक्ति बढ़ती है।

4 स्विमिंग/ तैरना (Swimming)

आजकल के दौर में स्विमिंग को एक परफेक्ट एक्सरसाइज माना जाता है, यह एक दिलचस्प स्पोर्ट्स है। स्विमिंग एक ऐसी एक्सरसाइज है, जिसका असर सर से लेकर पैर तक होता है।

स्विमिंग/ तैरना

केवल 30 मिनट की स्विमिंग से आप लगभग 255 कैलोरी बर्न कर लेते है। तो यह कहना गलत नहीं होगा कि मोटापा और वज़न कम करने के लिए स्विमिंग एक अच्छा विकल्प है।

स्विमिंग के क्या फायदे है ?

– मोटापा कम होता है।
– स्टैमिना बढ़ता है।
– पूरी बॉडी रिलैक्स होती है।
– शरीर लचीला बनता है।
– कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बैलेंस रहती है।
– हड्डियां मजबूत होती है।
– दिल की बीमारियां और ब्लड प्रेशर का खतरा कम होता है।
– मानसिक तनाव कम होता है।

5 प्लैंक (Plank)

प्लैंक एक ऐसी एक्सरसाइज है जो फिट रहने में आपकी मदद करती है। प्लैंक (plank) एक्सरसाइज में शरीर को लगभग पुश अप्स की स्थिति में कुछ मिनट के लिए रोकने की कोशिश की जाती है। इस एक्सरसाइज का नियमित प्रयास करने से मासपेशियां मजबूत होती है। इसके साथ-साथ बेल्ली फैट और कुलहो पर जमे हुए फैट को कम करने में भी बहुत मदद करती है। अच्छे रिजल्ट के लिए इस एक्सरसाइज को कम से कम 60 सेकंड तक 3 बार करने की कोशिश करें।
plank

प्लैंक के फायदे क्या है?

– बॉडी पोस्चर में सुधार होता है।
– शरीर का लचीलापन बढ़ता है।
– मेटाबोलिज्म तेज़ होता है।
– मूड अच्छा होता है।
– मासपेशियां और हड्डियां मजबूत होती है।

6 रस्सी कूदना (Skipping)

रस्सी कूदने के फायदे

वज़न घटाने के लिए रस्सी कूदना एक ऐसी एक्सरसाइज है, जिसमें पूरी बॉडी का इस्तैमाल होता है। एक सामान्य व्यक्ति अगर रस्सी कूदता है, तो वह 1 मिनट में 10 कैलोरी बर्न कर सकता है। कई मामलो में देखा गया है की रस्सी कूदने (skipping rope), वाले लोग अपने पेट की फैट को आसानी से कम कर लेते है। रस्सी कूदने का असर धीरे-धीरे होता है, परन्तु यह असर लम्बे समय तक रहता है।

रस्सी कूदने के फायदे क्या है?

– रोजाना रस्सी कूदने से स्ट्रोक व हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है।
– बेली फैट तो कम होता ही है, साथ में शरीर का बैलेंस और कोर्डिनेशन भी सुधरता है।
– रस्सी कूदने से हमारे शरीर के हार्मोन बैलेंस होते है, जिससे टेंशन और डिप्रेशन से मुक्ति मिलती है।
– चेहरे पर चमक आती है और स्टैमिना बढ़ता है।
– इससे आपके दिल, पैर, पेट की मसल्स, कंधे और कलाइयाँ और अंदर के अंगो का भी व्यायाम होता है।

7 पुश – अप्स  (push -ups)

पुश अप एक बॉडी वेट एक्सरसाइज है, इसे नियमित रूप से करने से जल्दी वज़न कम होता है। यह अपर बॉडी के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइजेज में से एक है। क्यूंकि यह एक्सरसाइज आपके चेस्‍ट, शोल्‍डर, ट्राइसेप्‍स, कोर और टांगों को टारगेट करती है। जिससे एब्ज, कंधे, सीने और ट्राइसेप्स को मजबूती मिलती है।

पुश अप्स करने के फायदे

पुश अप्स करने के फायदे क्या है ?
– वजन होता है कम
– शरीर की स्ट्रेंथ बढ़ती है।
– रोजाना करने से चेस्ट की फैट कम होती है।
– आर्म्स/ बाजु  टोन होती है।

8 जुम्पिंग जैक्स (Jumping jacks)

जुम्पिंग जैक्स जैसा कि नाम से पता चलता है, इसमें मुख्य रूप से जंप करना यानि कि कूदना होता है। यह एक ऐसी एक्टिविटी है जो पूरे शरीर से वसा को कम करने में बहुत मदद करती हैं। यह एक तीव्र आवेग वाला व्यायाम है जो शरीर में मौजूद कैलोरी को तेजी से कम करने में मदद करता हैं।

जुम्पिंग जैक्स के फायदे क्या है?

– वजन कम और मोटापा कम करने में मदद होती है।
– बोन डेंसिटी बढ़ती है।
– मसल्स स्ट्रेंग्थ बढ़ती है।
– हृदय और फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ती है।
– तनाव कम होता है और नींद अच्छी आती है।

Designed by freepik.com (जुम्पिंग जैक्स)

स्क्वाट जम्प /Squat jumps

9 स्क्वाट जम्प (Squat jumps)

स्क्वाट जम्प एक हाई इंटेंसिटी वर्कआउट है। यह एक्सरसाइज वेट लॉस और मसल गेन दोनों फ़िटनेस गोल्स को एक साथ पूरा करती है। एक Study के अनुसार HIIT (हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग) वर्कआउट 12 हफ़्ते करने से आपका आसानी से वज़न और मोटापा कम होता हैं और आपको अपनी डाइट में कोई बदलाव करने की ज़रूरत नहीं होती।

स्क्वाट्स जम्प के फायदे क्या है?

– जम्पिंग स्कवॉट्स रनिंग से ज्यादा कैलोरी बर्न करता है। 
– इस एक्सरसाइज से लोअर बॉडी मसल्स टोन होते है।
– यह ग्लूट्स, इनर थाइस, आउटर थाइस और काफ मसल्स को टोन करने के लिए भी मदद करती है।

10 डांसिंग (Dancing)

डांसिंग वज़न और मोटापा कम करने का एक दिल्चपस और असरदार तरीका है। एक घंटा डांस करने से आप 300-600 कैलोरीज बर्न कर सकते है। हालांकि, यह आपके वजन और डांस की गति पर निर्भर करता है। डांस स्टाइल में आप हिप-हॉप डांस, सालसा डांस, बेल्ली डांस, फ्री स्टाइल डांस और ज़ुम्बा डांस कर सकते है। यह सभी डांस मोटापा और वज़न कम करने में बहुत ही लाभदायक है।

डांसिंग (Dancing)

डांस करने के फायदे क्या है?

– डांस के दौरान हाथों-पैरों के साथ ही पूरे शरीर की एक्सरसाइज हो जाती है।
– आप मानसिक रूप से रिलैक्स महसूस करते है।
– डांस करने से मन खुश रहता है और तनाव कम होता है।
– शरीर में लचीलापन आता है।

निष्कर्ष: इस बात में कोई संदेह नहीं कि स्वास्थ्य से अनमोल और कोई चीज़ नहीं है। हमारा शरीर एक मशीन की तरह है और इस मशीन को अच्छे से चलाने के लिए एक्सरसाइज बहुत ज़रूरी है। इससे हमारा शरीर हृष्ट-पुष्ट रहता है तथा मन और मुख प्रफुल्लित बनते है।
” The Road to the success may be bumpy, but stay committed to the process.”

7 weight loss secrets-डाइट प्लान जो करे मोटापा और वज़न कम: Eat to be fit

आज के दौर में मोटापा और वज़न कम करना एक बड़ी समस्या बन गया है।
यह प्रॉब्लम अब नौजवान और बज़ुर्गों के साथ-साथ बच्चों में भी बढ़ रही है।
इसका एक मात्र कारण हमारा मॉडर्न लाइफस्टाइल है। हम सब पतले होने के लिए अलग -अलग तरीके अपनाते है पर फिर भी कामयाब नहीं होते। इसके कई कारण हो सकते है जैसे हे हेल्दी डाइट ना लेना, ज़्यादा जंक फ़ूड और ज़्यादा मीठा खाना, टेंशन लेना, नींद ना आना आदि। पतले होने के लिए सबसे बड़ा योगदान डाइट का है। Studies के हिसाब से हमारा 75% वज़न डाइट के साथ और 25% एक्सरसाइज के साथ कम होता है। अंत वज़न कम करने के लिए एक्सरसाइज के साथ हेल्दी भोजन खाना भी ज़रूरी है। आज हम जानेगे अलग- अलग टाइप के डाइट प्लान् Secrets जो पतले होने में, मोटापा करने में और वज़न कम करने में हमारी मदद करते है।

7 ऐसे डाइट प्लान्स जो न केवल मोटापा और वज़न कम करते है बल्कि शरीर को भी तंदरुस्त बनाते है।

1 पैलियो डाइट/ Paleo diet

पैलियो डाइट/ Paleo diet: इस डाइट में नेचुरल फूड्स शामिल होते है जो भूख लगने वाले हॉर्मोन को कंट्रोल में रखते है। यह डाइट मोटापा और वज़न तो कम करता ही है। उसके साथ -साथ आपको हेल्दी और फिट भी बनाती है। इस डाइट में फल, अंडा, सीफूड, मछली, सीड्स, ऑलिव, कोकोनट, फ्लैक्स सीड्स, सब्जी, फल आदि शामिल किया जाता है। इनमें भरपूर मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते है। इस डाइट में प्रोसेस्ड फ़ूड, अनाज, मीठा, डेरी फूड्स को कुछ हद तक रेस्ट्रिक्ट किया जाता है।

पैलियो डाइट (Paleo diet) के फायदे :
– पतले होने के साथ आपकी कमर का फैट भी कम होता है।
– यह आपके ब्लड प्रेशर को, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखती है।
– पैलियो डाइट (Paleo diet) आपकी आंतों को भी स्वस्थ बनाती है।
नकारात्मक पहलू : पैलियो डाइट हमे अनाज और डेरी उत्पाद से मिलने वाले ज़रूरी तत्वों की कमी कर देती है।

2 लो कार्ब डाइट (Low-Carb diet )

लो कार्ब डाइट एक पॉपुलर डाइट है, इसमें कार्बोहाइड्रेट्स (carbohydrates) की मात्रा को सीमित रखा जाता है, और हेल्‍दी फैट और प्रोटीन पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है। जैसे चिकन और मछली, डेयरी उत्पाद, सब्जियां, फल, नट्स और ड्रायफ्रूट्स, सूरजमुखी के बीज, चिया के बीज, कद्दू के बीज, अलसी, जड़ी-बूटियां और मसाले आदि। इसे मोटापा और वज़न कम करने के लिए बहुत बेहतर और आसान तरीका माना गया है। अपने आहार में कार्ब्स में कटौती करने से इंसुलिन हार्मोन के स्तर को कम करने में मदद मिलती है क्यूंकि इंसुलिन शरीर को अधिक वसा को संग्रहीत करने के लिए संकेत देता है। जिसके परिणामस्वरूप वजन बढ़ जाता है।

लो कार्ब डायट के फायदे:
– मेटाबॉलिक हेल्थ को सही करती है।
– जल्दी से वज़न कम होता है।
– भूख कम लगती है।
नकारात्मक पहलू : कई cases में पाया गया है की लो कार्ब डाइट से LDL यानि bad कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ जाता है।
कुछ लोगों के पाचनतंत्र में गड़बड़ हो जाती है।

3 लो फैट डाइट (Low-fat diet)

लो फैट डाइट के फायदे :
– स्ट्रोक और हार्ट की बीमारियां के चान्स कम हो जाते है। 
– सुगर को नियंत्रण में रखती है।
– इन्फ्लेम्शन को कम करती है।
नकारात्मक पहलू : बहुत ज्यादा लौ फैट डाइट लेने से शरीर में प्रोब्लेम्स हो सकती है।
फैट शरीर में हॉर्मोन प्रोडक्शन,नुट्रिएंट अब्सॉर्प्शन आदि के लिए ज़रूरी होता है। अंत इसकी कमी से शरीर में काफी प्रोब्लेम्स हो सकती है।

4 इंटरमिटेंट फास्टिंग/ intermittent fasting

इंटरमिटेंट फास्टिंग को सामान्य भाषा में कहें तो इसे फास्ट या उपवास कहा जा सकता है। 
इस फास्टिंग में एक निश्चित समय तक कुछ नहीं खाना होता है। खाने का एक समय निश्चित होता है, मतलब आपको दिन के 16 से 20 घंटे कुछ नहीं खाना होता। Intermittent Fasting में आपको 4 से 8 घंटे का समय मिलता है जिसमें खा सकते हैं। इसके अलावा आप Intermittent Fasting में कम कैलोरी वाले फूड और हल्के पेय पदार्थ का ही सेवन करे।  जैसे कम कैलोरी वाली सब्जियों के अलावा सूप, चाय, कॉफी और नारियल पानी आदि। इससे आपका मोटापा और वज़न जल्दी कम होगा।
नकारात्मक पहलू: गर्वबती महिलाओं, शुगर के मरीज़, दूध पिलाने वाली महिलायें और किसी प्रकार की बीमारी हो तो इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर ले।

5 वीगन डाइट /Vegan diet

वीगन डाइट, वेजिटेरियन डाइट से काफी अलग है और ये वेजिटेरियन लाइफ स्टाइल जीने का एक तरीका है।
कुछ लोग नैतिकता और पर्यावरण के लिए ऐसी डाइट को अपनाते हैं, और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की कोशिश करते हैं। इस डाइट में लोग पशु उत्पाद का उपयोग नहीं करते जैसे अंडा, मांस, शहद, दूध, डेयरी प्रोडक्ट्स आदि। इसमें फल, सब्जियां, होल ग्रेन्स, दाल, नट्स और सीड्स खाया जाता है। इस डाइट में कच्चे फूड्स खाने पर ज्यादा फोकस होता है, जिनमें फैट/ वसा काफी कम मात्रा में होता है। वीगन डाइट को नॉर्मल डाइट की तरह ही लिया जाता है।

वीगन डाइट के फायदे:
इससे तेजी से वजन कम होता है।
– वीगन डाइट में फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पेट भरा रहता है और आप कम खाते हैं।
– बॉडी मास इंडेक्स (BMI) कम होता है।
– ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी काफी मदद मिलती है।
– दिल सेहतमंद रहता है।
– रिसर्च के मुताबिक वीगन डाइट लेने से कैंसर का खतरा भी कम होता है।
वीगन डाइट अपनाने से पशु उत्पादन पूरी तरह बंद हो जाते हैं।
नकारात्मक पहलू: जिससे शरीर में कैल्शियम और ओमेगा-3 जैसी विटामिन और मिनरल्स की कमी हो जाती है।
दूसरा इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक नहीं मिल पाते हैं, जिसकी वजह से पाचन तंत्र खराब हो सकता है।

6 वेजीटेरियन डाइट / Vegetarian diet

बहुत से लोगों को लगता है कि वेजिटेरियन डाइट यानि शाकाहारी आहार योजना को ही वेगन कहते हैं।
बेशक दोनों डाइट प्लान में मीट का सेवन नहीं होता मगर फिर भी इन दोनों में अंतर होता है। शाकाहारी लोग पेड़-पौधों से प्राप्त खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जैसे  सब्जियां, फल, सूखे मेवे, जड़ी बूटियां आदि। इसके साथ ही शाकाहारी लोग डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, दही, छाछ, मक्खन आदि का सेवन भी करते हैं और कुछ लोग तो अंडे का भी सेवन करते है।

7 मेडिटरेनीयन डाइट /Mediterranean diet

आपको बता दे की मेडिटरेनीयन डाइट की सोच मुख्य रूप से भूमध्य सागर के करीब बसे देशों से आई है।
इस डाइट के आहार में आमतौर पर शाकाहारी खाद्य पदार्थ जैसे ताजे फल और सब्जियां, नट्स, अनाज और जैतून का तेल मुख्य होता है। इसके साथ थोड़ी मछली और पोल्ट्री को भी लिया जाता है, और डेयरी उत्पादों, लाल मांस या प्रोसेस्ड मीट और मीठे का सेवन कम किया जाता है।  इसके साथ साथ खाने के समय का भी विशेष ध्यान रखा जाता है, खाने के बाद आराम करना, और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करते रहना आदि। 

मेडिटरेनीयन डाइट के फायदे :
– इस डाइट को लंबे समय तक अपनाकर आप निरोगी रह सकते हैं।
– मोटापा कम करने में सहायक है।
– इसको अपनाने से लोग ज्यादा उम्र तक जीते हैं।
– इसके अलावा ये 1) कैंसर,
2) संज्ञानात्मक रोग,
3) हृदय रोग और
4) टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम करती है।
– यह स्ट्रोक के खतरे को भी 30 प्रतिशत तक कम करती है।
नकारात्मक पहलू : वज़न कम करने के लिए डाइट के साथ आपको कैलोरीज का भी ध्यान रखना पड़ेगा तभी आप पतले हो पाएंगे।

निष्कर्ष: एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर प्रकार की डायट का प्रभाव अलग-अलग व्यक्तियों या बॉडी टाइप पर अलग होता है। 
इसीलिए, अगर आप वेट लॉस की योजना बना रहे हैं तो अपने डॉक्टर से इस बारे में चर्चा ज़रूर करें। 

11 Weight loss secrets for everyone: Fat to Fab – मोटापे को करें Bye-Bye

वेट लोस्स टिप्स: Safely और Healthy तरीके से करे मोटापे को हमेशा के लिए Bye-Bye

Weight loss करने के लिए लोग Fat to Fab का सफर कम समय में तय कर लेते है। पर वह मोटापा उतनी जल्दी से वापिस बढ़ भी जाता है। एक्सपर्ट्स के हिसाब से सुरक्षित तरीके से वज़न कम करने के लिए हमे धैर्य से धीरे-धीरे weight loss करना चाहिए। ऐसा करने से लम्बे समय तक इसके परिणाम देख सकते है। Academy of Nutrition and Dietetics के हिसाब से अगर हम जल्दी से वज़न कम करते है तो, हमारे शरीर में Fat यानि चरबी की जगह मास्सपेशियाँ, हड्डियां और पानी कम होता है। ऐसा करने से हमारे शरीर में बहुत सी कमिया पैदा हो जाती है।

Weight loss secrets or tips जो आपके मोटापे को कम करने में मदद करते है :

सबसे पहले प्लान बनाये :
अपने शरीर के हिसाब से देखे की आपको कितनी कैलोरी की ज़रुरत है। ऐसा करने के लिए कैलोरी काउंटर App  में जाकर अपना वज़न और हाइट (कद की लम्बाई) डाल कर अपनी कैलोरी रेक्विरेमेंट चेक करें। उस app में आपको कितने किलो वज़न एक हफ्ते में कम करना है, वहां लिखा होगा। 500 ग्राम weight loss करने के लिए 3500 और 1 किलो के लिए 7000 calories कम करनी होगी। खाने में से या एक्सरसाइज करके। इसके लिए नीचे लिखी बातो का ध्यान रखे। 

1 सबसे पहला Weight loss secret – कभी भी ब्रेकफास्ट न छोड़े :

ऐसा करने से आपको नाश्ते में मिलने वाले ज़रूरी तत्वों की कमी हो जायगी।
दूसरा नाश्ता छोड़ने की वजह से आपको भूख ज़्यादा लगेगी। परिणाम यह होगा की आप ज़्यादा खाएंगे।

2 खाना नियमित रूप से और छोटे-छोटे भागों में खाये :

ऐसा करने से आपको मीठे या तले हुए भोजन की तलब कम होगी।
थोड़ा-थोड़ा खाने से हमारा metabolism भी तेज़ होगा।
इसका फायदा यह होगा की कैलोरीज ज़्यादा बरन होंगी।

3 फल और सब्ज़ियां का सेवन ज़्यादा करे :

पहला फ़ायदा है की इनमें ऐसे ज़रूरी तत्व होते हैं जो मोटापा कम करने में मदद करते है।
दूसरा फल और सब्ज़ियों में कैलोरीज और फैट कम होता है तो weight loss भी जल्दी होता है।
तीसरा यह हाई फाइबर होती है, जिससे हमारा पेट भरा रहता है और कब्ज़ भी नहीं होती।
चौथा इनमें भरपूर मात्रा में Vitamins और Minerals होते है।

fruits and veggies

4 एक्सरसाइज करे और एक्टिव रहे :

ऐसा करने से अधिक कैलोरीज बरन होगी जो केवल डाइट से नहीं होती। अपनी पसंद से कोई भी एक्टिविटी करे जैसे वाक, डांस, सीढ़ियां चढ़ना, साइकिल चलाना आदि।

5 खूब सारा पानी पियें :

अकसर लोग भूख और पियास में कंफ्यूज होते है जिससे एक्स्ट्रा कैलोरीज खा लेते है। जब भी आपको ऐसा कुछ लगे पानी का एक गिलास  पी ले।  

6 खाना खाते समय छोटी प्लेट का इस्तैमाल करे :

छोटी प्लेट में खाने से आप कम खाएंगे। खाना धीरे-धीरे अच्छी तरह चबाकर खाएं क्यूंकि हमारे दिमाग को 20 मिनट में सिग्नल मिलता है की पेट भर गया है।

7 इमोशनल ईटिंग को कण्ट्रोल करे :

मोटापे का सबसे बढ़ा कारण इमोशनल ईटिंग है क्यूंकि कई बार लोग स्ट्रेस में, टेंशन में, अकेले बोर होते है और ज़्यादा खाते है। इसका भी ध्यान रखें और ओवर ईटिंग से बचे।

8 पीने वाली चीज़ों में कैलोरीज का ध्यान रखे :

अक्सर लोग कोल्ड ड्रिंक्स, जूस आदि का सेवन करते है जो की हमारे शरीर के लिए ठीक नहीं होते क्यूंकि इनमें बहुत सी कैलोरीज होती है।

9 High protein डाइट ले :

अपने खाने में प्रोटीन को ज़रूर शामील करे। प्रोटीन डाइट लेने से पेट लम्बे समय तक भरा रहता है और हम कम कैलोरीज खाते है। इसके इलावा प्रोटीन खाने से हमारे शरीर का metabolism तेज होता है, जो मोटापा कम करने में बहुत लाभदायक होता है।

10 खाने में मीठा और तली हुई चीज़ों से परहेज़ करें।

11 अच्छी नींद ले :
बहुत से कम लोगों को पता है की मोटापा और weight gain की एक बड़ी वजह नींद ना पूरा होना है। Studies के हिसाब से 89% बच्चों में और 55% वयस्क (adults) में मोटापे का सबसे बड़ा कारण नींद का कम होना है। इसलिए weight loss करने के लिए स्वस्थ्य भोजन और कसरत के साथ – साथ अच्छी नींद लेना भी ज़रूरी है। हमे रोज़ाना कम से कम 7 से  8 घंटे की नींद लेनी चाहिये। हमेशा याद रखे सोते समय मोबाइल फ़ोन का प्रयोग न करे इस से नींद में रूकावट आती है और आप ठीक से सो नहीं पाते।

Fat to Fab के सफर को तय करने के लिए Calories को count कैसे करें:

मोटापा कम करने के लिए कैलोरीज काउंट करना बहुत ज़रूरी है।
आप सुबह से शाम तक नोट्स बना सकते है आपने दिनभर में क्या खाया और पीया।
ऐसे बहुत से Apps है जो डाउनलोड करके खाने पीने का हिसाब रखते है।
Intermittent fasting भी weight loss करने में बहुत सहायक है। 
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Intermittent fasting के 6 लोकप्रिय तरीके :

1 16 /8 Method : इसमें 16 घण्टे का fast होता है और 8 घण्टे खाना होता है।
ऐसा करने से आप कैलोरीज को कम कर सकते है।
यह weight loss करने का सबसे अच्छा तरीका है।
2 5 : 2 Diet : इसमें हम हफ्ते में 5 दिन सामान्य रूप से खाना खाते है और 2 दिन अपनी कैलोरीज 500 – 600 तक सीमित रखते है।
3 Eat stop Eat : इसमें 24 घंटे का fast होता है,जो हफ्ते में 1 या 2 बार रखना होता है।
4 Alternate day fasting : इसमें हर एक दिन छोड़ कर fast होता है और फ़ास्ट वाले दिन 500 कैलोरीज तक खाना होता है।
5 The Warrior diet : इसमें दिन के वक़्त छोटे-छोटे भागों में कच्ची सब्ज़ियां और फल खाने होते है और रात के टाइम एक अच्छी meal खानी होती है।

Stress या मन में तनाव होना
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सबसे ज़रूरी बात weight loss करते समय हमेशा प्रेरित रहे और होंसला ना हारे।
ज्यादातर लोग निराश होकर सब छोड़ देते है और उनका मोटापा पहले से भी ज़्यादा बढ़ जाता है।
याद रखे वज़न कम करते समय एक वक़्त ऐसा आता है की वज़न कम होना बंद हो जाता है, उसे Weight loss plateau कहते है।

Weight loss plateau के कारण

– Metabolism का कम होना
– Stress या मन में तनाव होना
– आप जितनी calories ले रहे है, उतनी ही burn कर रहे है।
जिससे calorie deficit नहीं हो पाती और वजन यानि मोटापा एक जगह रुक जाता है।
कई बार तो weight increase भी हो जाता है।
– खाने में प्रोटीन की मात्रा का कम होना।

weight loss plateau को तोड़ने के लिए ⇓ बताई सभी बात्तों का ध्यान रखें।

– weight loss के लिए भोजन में carbohydrates की मात्रा को कम करना चाहिए।
– कसरत की आवृति और तीव्रता को बढ़ाना चाहिए।
– हम क्या खा और पी रहे है उसका हिसाब रखना चाहिये।
– टेंशन ना ले।
– खाने में अधिक प्रोटीन ले।
– हाई फाइबर डाइट ले।
– Green tea का सेवन करे और ज़्यादा से ज़्यादा पानी ले।
– अच्छे से नींद ले।

अंत : Weight loss और मोटापे को नियंत्रण में रखना बहुत ज़रूरी है।
ऐसा करने से हम अपने आप को बहुत सारी बीमारियां से बचा सकते है।
एक सुखी और खुशाल जिंदगी बिता सकते है। याद रखें सबसे बड़ा धन स्वास्थ्य है और स्वास्थ्य ही असली सोना है, जो स्वस्थ नहीं उसे जीवन भर रोना है।

BLACK FUNGUS: ब्लैक फंगस क्या है, कैसे फैलता है, लक्षण, बचाव और इलाज क्या है?

ब्लैक फंगस (BLACK FUNGUS)क्या है?

म्यूकरमाइकोसिस (Mucormycosis) ब्लैक फंगस/ BLACK FUNGUS का दूसरा नाम है। यह एक सीरियस फंगल इन्फेक्शन है, जो की mucormycetes से होती है। आमतोर पर यह फंगस हमारे वातावरण में पाई जाती है जैसे मिटटी, गले हुए पत्ते, कम्पोस्ट पाइल्स, सड़ी-गली आर्गेनिक चीज़े, पशु खाद। यह बीमारी हमारे शरीर में सांस की नाली के द्वारा और चोट, खरोंच आदि से प्रवेश करती है। 

ब्लैक फंगस के लक्षण क्या है?

ब्लैक फंगस शरीर के जिस हिस्से में इन्फेक्शन करता है, उसी हिस्से के लक्षण दिखाता है।
1 सांस की नली और दिमाग में इन्फेक्शन :-
– चेहरे के एक हिस्से में सूजन या दर्द
– सर में दर्द
– साँस लेने में दिक्कत
– बंद नाक
– छाती में दर्द
– खांसी
– साँस उखड़ना
– नाक पर काले धब्बे
– बुखार
– आँखों से धुन्दला दिखाई देना
– दांत हिलने लगे

2 शरीर में त्वचा के द्वारा :-
– घाव छाले की तरह दिखना
– घाव का काला पढ़ना
– सूजन
– दर्द
– घाव वाली जगह का गर्म होना और लाल पड़ना
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3 गैस्ट्रोइंटेस्टिनल यानि पेट के द्वारा :-
– पेट दर्द
– गबराहट
– उलटी होना
– उलटी या मल में खून आना

4 रक्त के द्वारा शरीर में फैलना – यह उन लोगों में होता है जिनको पहले से कोई बीमारी है। जिसके चलते ब्लैक फंगस के लक्षण को पहचान पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दिमाग की मानसिक स्थिति में बदलाव आता है और कई बार मरीज़ कोमा में चला जाता है।

किन लोगों को है ब्लैक फंगस/ म्यूकरमाइकोसिस से सबसे ज़्यादा खतरा?

कुछ परिस्थितयों को छोड़ कर यह लोगों के लिए कोई समस्या नहीं है। यह बीमारी एक रेयर यानि असाधारण बीमारी है। पर जो लोग पहले से ही किसी बीमारी के शिकार है या लम्बे समय  से उनकी दवाई चल रही है। इस स्थिति में उनके शरीर में इन्फेक्शन से लड़ने की ताकत कम हो जाती है। सरल भाषा में यह बीमारी उन लोगों को अपनी चपेट में लेती है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। फिर उनको ब्लैक फंगस होने की संभावना बढ़ जाती है।

1 शुगर की बीमारी के मरीज़
2 कैंसर के मरीज़
3 जिनका इम्यून सिस्टम कमज़ोर है
4 किडनी की बीमारी
5 लिवर की बीमारी
6 जो लम्बे समय से इम्यून सुप्प्रेसेंट की दवा ले रहा है
7 शरीर में आयरन का ओवरलोड होना
8 घाव का होना जैसे ऑपरेशन से, बर्न यानि चमड़ी जलने से या चोट लगने से
9 कोरोना के मरीज

क्या ब्लैक फंगस/ म्यूकरमाइकोसिस कोरोना से भी ज्यादा घातक है?

जी हाँ ब्लैक फंगस, कोरोना से भी ज़्यादा घातक है। वह इस लिए जब कोरोना होता है वह केवल फेफडों पर हमला करता है। दूसरी तरफ ब्लैक फंगस, एक फंगल इन्फेक्शन है जो की शरीर के किसी भी हिस्से में हमला करती है जैसे आंख, नाक, फेफड़े, गला, दिमाग आदि। पर आपको घबराने की ज़रुरत नहीं है, क्यूंकि सामान्य सावधानी से इस बीमारी से बचा जा सकता है।

BLACK FUNGUS से बचने के उपाय
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इस बीमारी से बचने के लिए हमे नीचे बताई बातों का ध्यान रखना चाहिए:

1 दांतों की सफाई रखना और गरारे करना – ऐसा करने से हम बीमारी को मुँह में फैलने से रोक सकते है।
2 जब किसी मरीज़ को ऑक्सीजन देते हैं तो उसके हुमिडिफिएर में नल के पानी का इस्तैमाल न करे, उसमें फिलटर के पानी का प्रयोग करे।
3 जो लोग स्टेरॉइड्स की दवा ले रहे है वो अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर ले और अपना शुगर जाँच टाइम – टाइम से करवाते रहे।
4 किसी भी प्रकार की दवाई जैसे एंटीबायोटिक्स, एंटीफंगल आदि डॉक्टर की पर्ची और सलाह के बिना न ले।
5 शुगर के मरीज़ अपने शरीर में चीनी की मात्रा बढ़ने न दे। अपने ब्लड शुगर सत्तर को कंट्रोल में रखने का अधीक प्रयास करे।

6 धुल मिटटी भरी जगह पर मास्क पहने और हो सके तो ऐसी जगह पर जाने से परहेज करे।
7 अपने हाथों को धोए। 
8 पानी से क्षतिग्रस्त इमारतों के सीधे संपर्क में न जाए।
9 बगीचे या मिट्टी में काम करते समय ग्लवस और जूत्ते पहने।
10 शरीर पर कोई खरोंच या कट लगने से उससे तुरंत साबुन और पानी से धोये।
11 इम्युनिटी को बूस्ट करने के लिए घरेलु नुस्खे अपनाए और अदरक, लसून, काली मिर्च, हल्दी आदि का प्रयोग करें।

म्यूकरमाइकोसिस/ BLACK FUNGUS क्या है इलाज?

डॉक्टर र.स. बोलिंगर और उनके साथिओं के हिसाब से ब्लैक फंगस का इलाज बहुत ही तेजी और आक्रामक तरीके से किया जाता है। सबसे पहले अगर मरीज़ को डायबिटीज यानि शुगर है तो उसे कंट्रोल किया जाता है। उसी तरह,अगर मरीज़ कोई स्टेरॉइड्स ले रहा है तो उस दवा की मात्रा को धीरे-धीरे कम किया जाता है।एन्टीफंगल दवाइयों की मदद से मरीज़ का इलाज किया जाता है। फिर भी, कई मरीज़ों में तो इन्फेक्शन इतना बढ़ जाता है की ऑपरेशन द्वारा सक्रिमित अंग को निकल दिया जाता है। लगभग 40% मामले साइनस यानी वायुविवार के होते है, जो यह इन्फेक्शन दिमाग में फैला देते है। कुछ मामलो में आंख और जबड़ा भी निकालना पड़ता है।

क्या Homeopathic (होम्योपैथिक) दवायें इस बीमारी से लड़ने में मदद करती है?

जी हाँ, अब AYUSH विभाग (आयुर्वेदा, योगा और नेचुरोपैथी, यूनानी, सिध्धा और होम्योपैथिक) में होम्योपैथिक प्रोटोकॉल बनाया गया है, ब्लैक फंगस से बचाने के लिए। यह कोरोना के मरीज़ों के लिए बहुत अच्छी बात है, क्योकि उनकी बीमारीओं से लड़ने की शक्ती कम हो जाती है। होम्योपैथिक दवाइओं से उनके इम्यून सिस्टम को बूस्ट होने में मदद होगी और आगे किसी अन्य इन्फेक्शन से बचने में मदद होगी। इसमें मरीज़ के लक्षणों के आधार पर दवाई दी जाएगी।

निष्कर्ष: इस बीमारी से बचने के लिए हमे और खास कर कोरोना के मरीज़ों को अपनी इम्युनिटी बूस्ट करनी चाहीए। इसकी रोक -थाम के लिए डॉक्टरों द्वारा बताई गई बातों का ध्यान रखना चाहीए इसके अलावा,अपने खाने का, साफ़- सफाई का भी ध्यान रखें। ऐसा करने से हम सब बीमरी को बढ़ने से रोक सके। अगर आप को ब्लैक फंगस के कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत बिना किसी देरी के अपने डॉक्टर से सम्पर्क करे। घर पर बैठ कर खुद से डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवाई ना ले, क्यूंकि आपकी सावधानी ही आपका बचाव है। अपना और अपने परिवार का ध्यान रखे ।