Paheliyan Bujho To Jane: पहेलियां मस्तिष्क को सक्रिय रखती हैं और हमें दूसरों से अलग सोचने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

राजा के महल में रानी पचास, सिर पटके दीवार से, जलकर होए राख | उत्तर – माचिस बच्चों! एक लाठी की सुनो कहानी, छुपा है जिसमें मीठा – मीठा पानी | उत्तर – गन्ना

अगर नाक पर मैं चढ़ जाऊँ, तो कान पकड़कर खूब पढ़ाऊँ | उत्तर – चश्मा मैं मरती हूँ, मैं कटती हूँ | पर रोते हो तुम, पहचानो कौन हूँ मैं | उत्तर – प्याज

– मेरे नाम से सब डरते हैं, मेरे लिए परिश्रम करते हैं | उत्तर – परीक्षा – आवाज है पर इंसान नहीं, जुबान है पर निशान नहीं | उत्तर – ऑडियो कैसेट

काली काली माँ, लाल लाल बच्चे, जहाँ जाए माँ, वहाँ जाएँ बच्चे | उत्तर – ट्रेन हरी डिब्बी, पीला मकान, उसमें बैठे कालू राम | उत्तर – पपीता और बीज

– बेशक न हो हाथ में हाथ, जीता है वह आपके साथ | उत्तर – परछाई – कमर बाँध कोने में पड़ी, बड़ी सबेरे अब है खड़ी | उत्तर – झाड़ू – तीन रंग की तितली, नहा धोकर निकली | उत्तर – समोसा

हरी डंडी, लाल कमान, तौबा – तौबा करे हर इंसान | उत्तर – लाल मिर्च एक पैर है काली धोती, जाड़े में वह हरदम सोती | गरमी में है छाया देती सावन में वह हरदम रोती | उत्तर – छतरी

एक पहेली मैं बुझाऊँ, सिर को काट नमक छिड़काऊँ | उत्तर – खीरा तीन अक्षर का मेरा नाम, उल्टा सीधा एक समान | उत्तर – जहाज ऊँट की बैठक, हिरन की चाल, बोलो वह कौन है पहलवान | उत्तर – मेढ़क

लाल घोड़ा रुका रहे, काला घोड़ा भाग जाए, बताओ कौन? उत्तर – आग और धुँआ वह पाले नहीं भैंस, ना गाय, फिर भी दूध मलाई हीं खाए | घर बैठे हीं वह करे शिकार, रिश्ते में भी है, वह मौसी यार | उत्तर – बिल्ली

सात रोज में हूँ आता, बालकों का हूँ चहेता | वे करते हैं बस मुझसे प्यार, नित्य करते हैं मेरा इंतजार | उत्तर – रविवार खड़ा पर भी खड़ा, बैठने पर भी खड़ा | उत्तर – सींग

बिना पाँव पानी पर चलती, बत्तख नहीं, ना पानी की रानी | उसे न चाहिए सड़क या पटरी, सिर्फ चाहिए गहरा पानी | उत्तर – नाव कान मरोड़ो, पानी दूँगा, मैं कोई पैसे नहीं लूँगा | उत्तर – नल

खबर लाता हूँ सुबह नहीं लगाता हूँ देर मैं | फेंक दिया जाता हूँ, दूसरे दिन रद्दी के ढेर में | उत्तर – अख़बार दिन में सोए, रात में रोए | जितना रोए, उतना खोए | उत्तर – मोमबत्ती

हरा मकान, लाल दुकान, और उसमें बैठता लल्लूराम | उत्तर – तरबूज बोल नहीं पाती हूँ मैं, और सुन नहीं पाती | बिना आँखों के हूँ अंधी, पर सबको राह दिखाती | उत्तर – पुस्तक

शुरू कटे तो कान कहलाऊँ, बीच कटे तो मन बहलाऊँ | परिवार की मैं करूँ सुरक्षा बारिश, आँधी, धूप से रक्षा | उत्तर – मकान न भोजन खाता, न वेतन लेता, फिर भी पहरा डटकर देता | उत्तर – ताला

आगे ‘प’ है मध्य में भी ‘प’, अंत में इसके ‘ह’ है | पेड़ों पर रहता है, सुर में कुछ कहता है | उत्तर – पपीहा सफेद मुर्गी, हरी पूँछ, तुझे ना आए काले से पूछ | उत्तर – मूली